आज का इंजीनियरः कर्लक से……… काॅल सेंटर तक!

60 फीसदी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट रह जाते हैं बेरोजगार, 1 फीसदी करते हैं समर इंटर्नशिप!

March 18, 2017
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एक जमाना था जब बचपन से ही इंजीनियर बनने का सपना बहुतों का होता था। आज भी 12वीं क्लास तक दिन-रात की मेहनत के बाद उन्हें इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट में एडमिशन मिलता है।
आज सपना देखने वाले स्टूडेंट्स के लिए निराश करने वाली खबर है। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के अनुसार, टेक्निकल इंस्टीट्यूट से हर साल पास होने वाले 8 लाख इंजीनियर में से 60 फीसदी से ज्यादा बेरोजगार रह जाते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक फीसदी से कम इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स समर इंटर्नशिप में जाते हैं। वहीं, नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिएशन 32 सौ मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट में 15 फीसदी इंजीनियरिंग प्रोग्राम ऑफर करते हैं। इस प्रवृत्ति को हल करने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय बड़े मात्रा में बदलाव की तैयारी में है।

एनईईटीआई पहली ऐसी परीक्षा है, जिसे नेशनल टेस्टिंग सर्विस (एनटीएस) कराएगा, जो कि पूरी तरह से कंप्यूटर पर आधारित होगा। पूरी संभावना है कि एनटीएस जनवरी 2018 में एनईईटीआई के साथ-साथ मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम इंट्रेस टेस्ट (एनईईटी) कराएगा।

योजना के मुताबिक, पहला एनईईटीआई एग्जाम दिसंबर 2017-जनवरी 2018 में आयोजित होगा। वहीं दूसरा मार्च 2018 और तीसरा मई 2018 में आयोजित होगा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, एनटीएस आईआईटी के लिए भी एंट्रेंस एग्जाम लेगा।

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