आधार के आधार को अपना आधार बनाकर वेरोजगारों का …नया रोजगार!

हमारे देश में करोड़ो वेरोजगार पैसा कमाने के लिए नित्न नये-नये फंडे ढूढते रहते हैं! कुछ के फंडे कुछ महीनों तक तो चल जाते हैं, तो कुछ के महीने दो महीने में ही ठडें पड़ जाते हैं! ...फिर एक दिन आता है जव उन्हें पुलिस के डंडे से रूबरू होना पड़ता है! ...हमारे देश में लाखों वेरोजगारों की यही दिनचर्या है!

April 20, 2017
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यूआईडीएआई ने आधार संबंधित सेवाएं देने के आरोपों में आठ अनधिकृत वेबसाइटों के खिलाफ FIR की दर्ज!

खबर है कि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार संबंधित सेवाएं देने और अवैध रूप से लोगों से आधार संख्या और नामांकन विवरण लेने के आरोपों में आठ अनधिकृत वेबसाइटों के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज कराई हैं। यह पहली बार है जब प्राधिकरण की ओर से आधार संबंधित सेवाओं को देने की कोशिश करनेवाली अवैध वेबसाइटों पर प्राथमिकयां दर्ज कराई जा रही है।

खबर है कि इन साइटों के नाम आधार अपडेट डॉट कॉम, आधार इंडिया डॉट कॉम, पीवीसी आधार डॉट कॉम, आधार प्रिंटर्स डॉट कॉम, गेट आधार डॉट कॉम, डाउनलोड आधार कार्ड डॉट इन, आधार कॉपी डॉट इन और ड्युप्लिकेट आधार कार्ड डॉट कॉम हैं। ये वेबसाइटें लोगों से अवैध तरीके से आधार संख्या और नामांकन विवरण ले रही थीं और यूआईडीएआई से अधिकृत संस्थाएं बनकर आधार संबंधी सेवाएं देने का वादा कर रही थीं।

यूआईडीआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने कहा कि उन्होंने पाया कि कुछ अनधिकृत वेबसाइटों के बंद करने के आदेश के बाद नई वेबसाइटें बन गईं। इस बार हमने ऐसी वेबसाइटों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराई है। एआईडीएआई के मुताबिक अनधिकृत सेवाएं देने वाली इन वेबसाइटों और कंपनियों का आचरण सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000, आधार अधिनियम 2016 की धारा 38 और भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (अमानत में खयानत) और धारा 420 (धोखाधड़ी) के बराबर है।

सीईओ पांडे ने कहा कि प्राधिकरण ऐसी साइटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना जारी रखेगी। उन्होंने लोगों से कहा कि वह आधार संबंधित किसी भी सेवा के लिए यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट यूआईडीएआई डॉट जीओवी डॉट इन का ही इस्तेमाल करें।

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